Monday, August 14, 2017

बाढ़ के बाद पानी में डूबा बिहार, देखें भयानक नजारा


जब भी बाढ़ शब्द सुनाई पड़ता है तब सामने गांव, खेत, जानवर, नाव, पानी आदि चीज़ें दिखाई पड़ा करती थीं. वहां रहने वाले लोग इसे उत्सव के तौर पर लेते थे. पानी आता था और चला जाता था. यह बाढ़ तब भी मौसम में कई बार आती थी. और यही खेती की जरूरत होती थी. बुज़ुर्ग लोग बताते हैं कि बाढ़ ढाई दिन से ज़्यादा की नहीं होती थी और खूंटा देख कर ही पानी भाग जाया करता था यानी रिहायशी इलाकों में बिरले ही घुसता था.






उस ढाई दिन की बाढ़ को हमने बड़े परिश्रम से ढाई महीने की बाढ़ में परिववर्तित कर दिया. हम यहीं नहीं रुके. हमने उतना ही श्रम करके ग्रामीण क्षेत्र की बाढ़ को शहरी इलाकों की बाढ़ बना दिया. अब नाशिक, भोपाल, नागपुर, चेन्नेई, जलंधर, मेहसाणा, बंगलुरु, बांसवाड़ा, मुंबई आदि शहर सुर्खियों में रहते हैं. इस उपलब्धि का श्रेय किसी को तो मिलना चाहिये.
योजना काल में देश का बाढ़ प्रवण क्षेत्र 25 मिलियन हेक्टेयर से बढ़ कर 50 मिलियन हेक्टेयर हो गया और किसी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं है. हमारी हालत उस गाड़ीवान की तरह से हो गई है जो अपना माल गाड़ी पर लादता है, आगे कीले पर लालटेन टांग देता है, खुद सो जाता है और उसके बैल चल पड़ते हैं़ बैल चलते हैं और निर्विकार भाव से सड़क पर पेशाब करते हुए आगे बढ़ते हैं अपने पीछे साइन कर्व का निशान छोड़ते हुए़ जिसकी चिंता बैल, गाड़ीवान और सड़क का इस्तेमाल करने वाले दूसरे लोग, कोई भी नहीं करता. जब गाड़ीवान ही सो गया हो तो बैल भी मस्त ही रहते हैं.
बाढ़ नियंत्रण पर हमारा निवेश फ़ायदे की जगह नुकसान पहुंचा रहा है इसकी चिंता किसी को तो करनी चाहिये.
Share This
Previous Post
Next Post

This is the official website of dumari KALAN.Dumri Kalan (Madhuban Jadu) is the Small village.which is located in Majorganj Block of Sitamarhi district in Bihar, India.

0 comments:

Thanks for messaging us. We try to be as responsive as possible. We'll get back to you soon.